চুটকুলা------------( 1 to 23 )
चुटकुले= Part--( 1 )
" हमेशा हँसते रहिये,
1> बीबी अपना पोती से लड़ रही थी
2> चुनाव का समय
3>➖ बेटी v/s बहू ➖
4>एक बालक अपने //माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था
5 ) कोलिर (kOLKATAR) कृष्ण।.
6) पिआज=(by self)
7>एक आदमी ने होटल के कमरे से मैनेजर को फोन किया..
8> लंन्डन सहर में वस में एक मुस्लिम युवक
9>এক মুসলিম যুবক লন্ডনে
10> বউ কাকে বলে -------?
11> মা দুর্গা আসলেন //
12)এক ৮০ বছরের বৃদ্ধ শখ হইলো সে বাচ্চা নেবে।
==============================================================
" हमेशा हँसते रहिये,
एक दिन ज़िंदगी भी
आपको परेशान
करते करते थक जाएगी ।"
GOOD MORNING 😊
1> बीबी अपना पोती से लड़ रही थी
नेता - हाँ अब सही समय आ गया है
जनता - क्या आप देश को लूट खाओगे
नेता - बिल्कुल नही
जनता - हमारे लिए काम करोगे
नेता - हाँ बहुत
जनता - महगांई बढ़ाओगे
नेता - इसके बारे में तो सोचो भी मत
जनता - आप हमे जॉब दिलाने में मदद नही करोगे
नेता- पागल हो गये हो क्या बिल्कुल करेँगे
जनता - क्या आप देश मे घोटाला करोगे
नेता - पागल हो गए हो क्या बिलकुल नहीं
जनता - क्या हम आप पर भरोसा कर सकते है
नेता - हाँ
जनता - नेता जी ......
चुनाव जितकर नेताजी वापस आये! अब आप नीचे से ऊपर पढ़ो ।।।।।
3>➖ बेटी v/s बहू ➖
4>एक बालक अपने //माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था
कोलकाता कर्रपरेशण के ज्ञारुदार = कृष्ण काला। आउर उनके भेन रिक्स=कृषण के रथ ।
रोज़ जव श्याम के वाशुरि बाजते है तव गृह वधुओं तथा राधाये के ऋृदय नाच उठती एवं आपना आपना गंदेगी तथा मनमएल उजार कर देते है कृषणके रथ पर,कृष्ण काला को।
करपरेशण कि छुट्टी या अन्य कोइ कानण से श्याम के वाशुरि नेहि बाजि तों राधीकायो के मन विषण्न होजाति है। दिन भर मन उदाश रहते है , तव तक, जव तक दुसरे दिनके वाशुरी नेही शुनति । अतःकलिके कृष्ण वह कोलकाता करपरेशण ही कोलकाता के जान ।
6) पिआज
7>एक आदमी ने होटल के कमरे से मैनेजर को फोन किया..
8> लंन्डन सहर में वस में एक मुस्लिम युवक
05/10/15 11:57:14 pm: Saibal Chowdhury:
9>এক মুসলিম যুবক লন্ডনে
10> বউ কাকে বলে -------?
", পুলিশ -----" জনগণ আমাকে ভয় পায় আর আমি বউ কে ", জেলার ----"আমি অপরাধীকে খাঁচায় ভরি আর বউ আমাকে তাঁর
খাঁচায় ভরে ",
ডাক্তার ----"আমি রুগীর অপরেশন করি বউ আমার অপারেশন করে", শিক্ষক -----"স্কুলে আমি লেকচার দেই আর ঘরে বউ এর লেকচার শুনি", অফিসার ---"অফিসে আমি বস আর ঘরের চাকর ", কামার ------"আমি লোহা পেটাই আর বউ আমায় পেটায়", মুচি ----------"আমি জুত মেরামত করি আর বউ আমাকে",=
11> মা দুর্গা আসলেন //
12)এক ৮০ বছরের বৃদ্ধ শখ হইলো সে বাচ্চা নেবে।
13> চার দেশের পুলিশের মধ্যে প্রতিযোগীতা হচ্ছে
===============xxxxxxxxxx============
15> কবি কে ---------(02-09-2015= 12:41:1
কথা না বলে বির বির করে সে,থাকে অনেক বলার
কিন্তু বলে ছোট ভাবে //প্রবল ইচ্ছা না পাওয়ার ব্যাথা।
অনেক বলে না বলে কথা ,//যে পূর্ণ যে লোভী সে তো
কেবলি ভোগী, //সময় নাই তার // সুধু চাই আর চাই।
কাম, লোভ , মোক্ষ ,সবেই // তার লোভ,যত পায়
তত চায়, বলেন না কিছুই, //শুধু ব্যাস্ত ভোগেই।
সে নয়তো লেখক, নায়ক কবি,//যে কবি, যে লেখক,
সে নিশ্চয় ব্যর্থ প্রেমী নয়তো //ক্ষভি, নয়তো ক্রোধী,
সেত ব্যর্থ প্রেমী। //অমিত ব্যর্থ নই ,//আমি বেথা বলতে চাই
না আছে ছন্দ না আছে //জ্ঞান কান্ড, তবুও নই ভন্ড,
জানি মান দন্ড। //কিন্তু সবই পন্ড কারণ // ভাবনাটাই লন্ড ভন্ড ,
তাইত লিখি যার নাই মাথা মুন্ড, //বোধ করি সকলি পন্ড ,
চেখে দেকতে পর আমার এই ঘন্ট ,// হবেনা অম্বল, চোয়া ডেকুর ,
হবে একটু সময় নস্ট,
বাকি সবই দৃষ্ট। ----
16> বাঙালি
17>एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक
19> বিরীয়ানী আর মাংস কষা,খেতে লাগে বড়ই খাসা। //হাতের সামনে যা পাব, //তাই আমি খেয়ে নেব!আমি নাকি রোগা হব! //চিলি চিকেন আর চাউমিন, //প্লেট ভরতি করে দিন।কাউকে কি আর সাথি পাব, //সবই আমি একা খাব। //আমি নাকি রোগা হব!পিজ্জা, বারগার, চিকেন ফ্রাই, //বিকেলে এসব চাইই চাই।এসব যদি নাই খাব, //বাচার রসদ কোথায় পাব?আমি নাকি রোগা হব!কচুরি, নিমকি আর সিংগারা, //বাচা যায় এসব ছাড়া?দোকানে গিয়ে টাকা দেব, //আর মন ভরে খেয়ে নেব!আমি নাকি রোগা হব!এগ রোল আর মোঘলাই, //এদের কেমনে ভূলে যাই?টাকা পেলেই দোকানে যাব, //না হলে তো মরেই যাব!আমি নাকি রোগা হব!আর রইল মিষ্টি, //সে এক অপরূপ স্রিষ্টি! //দোকান পুর খেয়ে নেব,তোমরা সবাই যে যা ভাব।আমি নাকি রোগা হব!!!20> : ****আধুনিক বানী ****লোকনাথ: রনে বনে জলে জঙ্গলে যেখানে বিপদে পরিবে আমাকে Miss call মারিবে আমি তোমাদের রক্ষা করিবো।নেতাজী: তোমরা আমাকে SMS দাও আমি তোমাদের Reply দেবোরামকৃষ্ণ: যত SMS তত Replyগান্ধিজী: Whatsapp করবো; না হয় মোরববিবেকানন্দ: Facebook এ প্রেম করে যেই জন, সেই জন সেবিছে ঈশ্বরঅন্যান্য:➡Mobile সেবাই শিব সেবা➡একবার বিদায় দে মা Mobile টিপে আসি➡মোরা এক বৃন্তে দুটি কুসুম Facebook Whatsapp➡আমার সোনার Mobile আমি তোমায় ভালোবাসি➡আপনারে বড় বলে বড় সেই নয়, Whatsapp Facebook যে করে, সেই বড় হয়==============See চুটকুলা Part----( 2 )
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একটু হাঁসি
19>শিশু কালে জানতাম অংগুঠা ( বুড়ো আঙ্গুল ) ভগবান দিয়েছেন শুধু
চুষবার ও কাউকে ঠেঙ্গা দেখাবার জন্য।
কিন্তু এখন বুঝি যে ভগবান অংগুঠা দিয়েছেন
হোয়াটস এয়াপস (WhatsApp)চালাবার জন্য।
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চুষবার ও কাউকে ঠেঙ্গা দেখাবার জন্য।
কিন্তু এখন বুঝি যে ভগবান অংগুঠা দিয়েছেন
হোয়াটস এয়াপস (WhatsApp)চালাবার জন্য।
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23>बचपन में समझते थे कि '
अंगूठा सिर्फ चूसने और चिड़ाने के लिए बनाया है ,
पर साला...अब पता चला है कि...
चुटकुले= Part--( 1 )
" हमेशा हँसते रहिये,
1> बीबी अपना पोती से लड़ रही थी
2> चुनाव का समय
3>➖ बेटी v/s बहू ➖
4>एक बालक अपने //माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था
5 ) कोलिर (kOLKATAR) कृष्ण।.
6) पिआज=(by self)
7>एक आदमी ने होटल के कमरे से मैनेजर को फोन किया..
8> लंन्डन सहर में वस में एक मुस्लिम युवक
9>এক মুসলিম যুবক লন্ডনে
10> বউ কাকে বলে -------?
11> মা দুর্গা আসলেন //
12)এক ৮০ বছরের বৃদ্ধ শখ হইলো সে বাচ্চা নেবে।
13> চার দেশের পুলিশের মধ্যে প্রতিযোগীতা হচ্ছে
14>एक आदमी की एक टांग की हड्डी टूट गयी,
15> কবি কে --(by self)
16> বাঙালি
17>एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक
18> मोटर मेकेनिक & डॉक्टर साहब.
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" हमेशा हँसते रहिये,
एक दिन ज़िंदगी भी
आपको परेशान
करते करते थक जाएगी ।"
GOOD MORNING 😊
1> बीबी अपना पोती से लड़ रही थी
बीबी अपना पोती से लड़ रही थी पती ने तंग आकर अपनी सास को SMS किआ
"आप की प्रडाक्ट मेरे मुताबिक नहीं हैं और मै इसे लौटा कर आपसे एक्सचेंज की डिमांड करता हूँ " थोड़ी देर के बाद सास ने जवाब दिया ,,,,,,,,,,, "वारंटी खत्म हो चुकी हैं, रिफंड या एक्सचेंज की कोई पलिसी नहीं हैं प्रोडक्ट की परफॉमेंस बेहतर करने के लिए बालों से पकड़ कर दिन में दो दफ़ा धुलाई करें, अब वैसे भी कम्पनी ने नया प्रोडक्ट बानाना बंद कर दिया हैं।
2> चुनाव का समय
आ गया है इसी बिच एक नेता जी प्रचार करने निकल पङे वो जनता के
सवालो के जबाब दे रहे थेनेता - हाँ अब सही समय आ गया है
जनता - क्या आप देश को लूट खाओगे
नेता - बिल्कुल नही
जनता - हमारे लिए काम करोगे
नेता - हाँ बहुत
जनता - महगांई बढ़ाओगे
नेता - इसके बारे में तो सोचो भी मत
जनता - आप हमे जॉब दिलाने में मदद नही करोगे
नेता- पागल हो गये हो क्या बिल्कुल करेँगे
जनता - क्या आप देश मे घोटाला करोगे
नेता - पागल हो गए हो क्या बिलकुल नहीं
जनता - क्या हम आप पर भरोसा कर सकते है
नेता - हाँ
जनता - नेता जी ......
चुनाव जितकर नेताजी वापस आये! अब आप नीचे से ऊपर पढ़ो ।।।।।
3>➖ बेटी v/s बहू ➖
🙆 बेटी ससुराल में खुश होती है तो//💐खुशी होती है और//💃बहू ससुराल में खुश है....तो
👿खराब लगता है
👱 दामाद बेटी की मदद करे...तो //👌अच्छा लगता है और //👦बेटा बहू की मदद करे तो
🌹जोरू का गुलाम कहा जाए
👖बेटी जींस पहने तो खुश होते है //👛कि मोर्डन फेमिली है और //👖👠बहू जींस पहने तो
🙈उसे बेशर्म कहते है
💆बेटी को ससुराल में //✅अकेले काम करना पड़े तो //👌खराब लगता है कि
😭मेरी बेटी थक जायेगी और //👸बहू सारा दिन अकेले काम करे....
✅फिर भी बहू काम-चोर कहलाये
👵बेटी की सास और ननद //😆 काम...ना करे तो //😡गुस्सा आता है और
🏡जब अपने घर में वो //👩बहू की मदद ना करे तो वो
✅सही लगता है
👿बेटी की ससुराल वाले ताना मारे तो
😡गुस्सा आता है और
👸खुद बहू के मायके वालों को...
👿.ताना मारे तो सही लगता है
🙋 बेटी को रानी बनाकर रखने वाली //👪ससुराल चाहिए और
💃 खुद को बहू कामवाली चाहिए
😷लोग यह क्यूं भूल जाते है कि😎 //🌹बहू भी किसी की बेटी है //🙏 वो भी तो अपने माता-पिता
👫भाई-बहन, शहर-सहेली आदि को //😭छोड़कर आपके साथ नये जीवन की
👍शरुआत करने आई है 👌
👵 जो भी सास-ससुर 👴 //💌यह..msg...पढ़ रहे है वे //🌹कोशिश करें कि
👸बहूऔर बेटी में कभी फर्क
⭕ ना माने ⭕
🌍तभी यह दुनिया बदलेगी //🌷समाज बदलेगा.......और //👉आपकी बेटियां भी....
😂ससुराल में आनंद से रहेगीं
👿खराब लगता है
👱 दामाद बेटी की मदद करे...तो //👌अच्छा लगता है और //👦बेटा बहू की मदद करे तो
🌹जोरू का गुलाम कहा जाए
👖बेटी जींस पहने तो खुश होते है //👛कि मोर्डन फेमिली है और //👖👠बहू जींस पहने तो
🙈उसे बेशर्म कहते है
💆बेटी को ससुराल में //✅अकेले काम करना पड़े तो //👌खराब लगता है कि
😭मेरी बेटी थक जायेगी और //👸बहू सारा दिन अकेले काम करे....
✅फिर भी बहू काम-चोर कहलाये
👵बेटी की सास और ननद //😆 काम...ना करे तो //😡गुस्सा आता है और
🏡जब अपने घर में वो //👩बहू की मदद ना करे तो वो
✅सही लगता है
👿बेटी की ससुराल वाले ताना मारे तो
😡गुस्सा आता है और
👸खुद बहू के मायके वालों को...
👿.ताना मारे तो सही लगता है
🙋 बेटी को रानी बनाकर रखने वाली //👪ससुराल चाहिए और
💃 खुद को बहू कामवाली चाहिए
😷लोग यह क्यूं भूल जाते है कि😎 //🌹बहू भी किसी की बेटी है //🙏 वो भी तो अपने माता-पिता
👫भाई-बहन, शहर-सहेली आदि को //😭छोड़कर आपके साथ नये जीवन की
👍शरुआत करने आई है 👌
👵 जो भी सास-ससुर 👴 //💌यह..msg...पढ़ रहे है वे //🌹कोशिश करें कि
👸बहूऔर बेटी में कभी फर्क
⭕ ना माने ⭕
🌍तभी यह दुनिया बदलेगी //🌷समाज बदलेगा.......और //👉आपकी बेटियां भी....
😂ससुराल में आनंद से रहेगीं
4>एक बालक अपने //माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था
💘एक बालक अपने //🙏माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था //💞उसके दोस्त उससे भी कहते कि
🌹अगर इतनी सेवा तुमने //💜भगवान की की होती तो तुम्हे //🌻भगवान मिल जाते !
💙लेकिन इन सब चीजो से //💐अनजान वो अपने //💔माता पिता की सेवा करता रहा !
🌺एक दिन उसकी माँ बाप की //💛सेवा-भक्ति से खुश होकर
🌷भगवान धरती पर आ गये !
💘उस वक्त वो बालक अपनी //💚माँ के पाँव दबा रहा था ! //🌲भगवान दरवाजे के बाहर से बोले-
❤दरवाजा खोलो बेटा //🍀मैं तुम्हारी माता-पिता की सेवा से //💖प्रसन्न होकर तुम्हे
🌳वरदान देने आया हूँ !
💞बालक ने कहा - //🌸इंतजार करो प्रभु //💛मैं माँ की सेवा मे लगा हूँ !
🙏भगवान बोले -
💐देखो मैं वापस चला जाऊँगा!
💘बालक ने कहा - //🌵आप जा सकते है //❤भगवान मैं सेवा बीच मे //🌲नही छोड़ सकता !
💚कुछ देर बाद
🌳उसने दरवाजा खोला तो //💜क्या देखता है //🌷भगवान बाहर खड़े थे !
💙भगवान बोले -
🌹लोग मुझे पाने के लिये //💔कठोर तपस्या करते है //🌻पर मैं तुम्हे सहज ही मे मिल गया
💖पर तुमने //🍀मुझसे प्रतीक्षा करवाई ! //💞बालक ने जवाब दिया -
🌺हे ईश्वर जिस माँ बाप की सेवा ने //💛आपको मेरे पास आने को //💐मजबूर कर दिया
💕उन माँ बाप की सेवा बीच मे छोड़कर //🌵मैं दरवाजा खोलने कैसे आता !
💘यही इस जिंदगी का सार है ! //🌲जिंदगी मे हमारे //❤माँ-बाप से बढ़कर कुछ नही है !
🌳हमारे माँ-बाप ही //💚हमे ये जिंदगी देते है ! //🌷यही माँ-बाप अपना
💜पेट काटकर बच्चो के लिये //🌻अपना भविष्य खराब कर देते है //💙इसके बदले
🍀हमारा भी ये फर्ज बनता है कि //💔हम कभी उन्हे दुःख ना दे !
🌺उनकी आँखो मे /💖आँसू कभी ना आये //💐चाहे परिस्थिति जो भी हो
💞प्रयत्न कीजियेगा!
🌹अगर इतनी सेवा तुमने //💜भगवान की की होती तो तुम्हे //🌻भगवान मिल जाते !
💙लेकिन इन सब चीजो से //💐अनजान वो अपने //💔माता पिता की सेवा करता रहा !
🌺एक दिन उसकी माँ बाप की //💛सेवा-भक्ति से खुश होकर
🌷भगवान धरती पर आ गये !
💘उस वक्त वो बालक अपनी //💚माँ के पाँव दबा रहा था ! //🌲भगवान दरवाजे के बाहर से बोले-
❤दरवाजा खोलो बेटा //🍀मैं तुम्हारी माता-पिता की सेवा से //💖प्रसन्न होकर तुम्हे
🌳वरदान देने आया हूँ !
💞बालक ने कहा - //🌸इंतजार करो प्रभु //💛मैं माँ की सेवा मे लगा हूँ !
🙏भगवान बोले -
💐देखो मैं वापस चला जाऊँगा!
💘बालक ने कहा - //🌵आप जा सकते है //❤भगवान मैं सेवा बीच मे //🌲नही छोड़ सकता !
💚कुछ देर बाद
🌳उसने दरवाजा खोला तो //💜क्या देखता है //🌷भगवान बाहर खड़े थे !
💙भगवान बोले -
🌹लोग मुझे पाने के लिये //💔कठोर तपस्या करते है //🌻पर मैं तुम्हे सहज ही मे मिल गया
💖पर तुमने //🍀मुझसे प्रतीक्षा करवाई ! //💞बालक ने जवाब दिया -
🌺हे ईश्वर जिस माँ बाप की सेवा ने //💛आपको मेरे पास आने को //💐मजबूर कर दिया
💕उन माँ बाप की सेवा बीच मे छोड़कर //🌵मैं दरवाजा खोलने कैसे आता !
💘यही इस जिंदगी का सार है ! //🌲जिंदगी मे हमारे //❤माँ-बाप से बढ़कर कुछ नही है !
🌳हमारे माँ-बाप ही //💚हमे ये जिंदगी देते है ! //🌷यही माँ-बाप अपना
💜पेट काटकर बच्चो के लिये //🌻अपना भविष्य खराब कर देते है //💙इसके बदले
🍀हमारा भी ये फर्ज बनता है कि //💔हम कभी उन्हे दुःख ना दे !
🌺उनकी आँखो मे /💖आँसू कभी ना आये //💐चाहे परिस्थिति जो भी हो
💞प्रयत्न कीजियेगा!
5 ) कोलिर (kOLKATAR) कृष्ण।.
कोलकाता कर्रपरेशण के ज्ञारुदार = कृष्ण काला। आउर उनके भेन रिक्स=कृषण के रथ ।
रोज़ जव श्याम के वाशुरि बाजते है तव गृह वधुओं तथा राधाये के ऋृदय नाच उठती एवं आपना आपना गंदेगी तथा मनमएल उजार कर देते है कृषणके रथ पर,कृष्ण काला को।
करपरेशण कि छुट्टी या अन्य कोइ कानण से श्याम के वाशुरि नेहि बाजि तों राधीकायो के मन विषण्न होजाति है। दिन भर मन उदाश रहते है , तव तक, जव तक दुसरे दिनके वाशुरी नेही शुनति । अतःकलिके कृष्ण वह कोलकाता करपरेशण ही कोलकाता के जान ।
10/09/15 3:49:40 pm: Adyanath Roychoudhuri: Do you know ?
कोलकाता तथा शहर तलि में रोज़ कृष्ण घुमते है सव घड को सुन्दर राखनेके लिये------------???6) पिआज
कीउ पिआज से परीशान //आज देशमे नेही है अपजिषन। //षंसार चालाने चाहा प्यार से
परींशान हुँ पिआज से। //सवेरे बाज़ार जातेगि बापरे //कौन जानते थे एसा होंगे प्यारे,
किंउ कियाथा षंसार //चारोऔर से हि संहार। //देश चालाने वाला मंन्ति मिनिस्टर
मजासे खाते है लिये सवसिडारी, //हमलोग देँशबाशि उनके जोगारि। //होते है हम वेगारी
देशमे वारते है भिखारि। //मगर उनके चाहिये सावसिडारि //नेहितो उनके खाना नेहि पचेगी,
एहि ंंहामारे सतंत्रताके नीति। //पिआज तो केवल देखावटि
आसलि तो राजनीति ।
आज 01/09/2015 at 09:30:15pm
मेरा लिखा समाचार
19/09/15 10:53:55 am: परींशान हुँ पिआज से। //सवेरे बाज़ार जातेगि बापरे //कौन जानते थे एसा होंगे प्यारे,
किंउ कियाथा षंसार //चारोऔर से हि संहार। //देश चालाने वाला मंन्ति मिनिस्टर
मजासे खाते है लिये सवसिडारी, //हमलोग देँशबाशि उनके जोगारि। //होते है हम वेगारी
देशमे वारते है भिखारि। //मगर उनके चाहिये सावसिडारि //नेहितो उनके खाना नेहि पचेगी,
एहि ंंहामारे सतंत्रताके नीति। //पिआज तो केवल देखावटि
आसलि तो राजनीति ।
आज 01/09/2015 at 09:30:15pm
मेरा लिखा समाचार
7>एक आदमी ने होटल के कमरे से मैनेजर को फोन किया..
आदमी - “प्लीज, जल्दी मेरे कमरे में आईये …बहुत जरूरी है !”
मैनेजर - “क्या हुआ सर ?”
आदमी - “मेरी पत्नी कह रही है कि वो तुम्हारे होटल की खिडकी से कूद कर जान दे
देगी ”
मैनेजर - “माफ कीजिये सर, पर इसमें हम कुछ नहीं कर सकते !
ये आपकी पर्सनलप्रॉब्लम है !”
आदमी - “हरामखोर ! ये खिडकी नहीं खुल रही है …
ये ‘मेंटेनेंस प्रॉब्लम’ है !!!”
मैनेजर - “क्या हुआ सर ?”
आदमी - “मेरी पत्नी कह रही है कि वो तुम्हारे होटल की खिडकी से कूद कर जान दे
देगी ”
मैनेजर - “माफ कीजिये सर, पर इसमें हम कुछ नहीं कर सकते !
ये आपकी पर्सनलप्रॉब्लम है !”
आदमी - “हरामखोर ! ये खिडकी नहीं खुल रही है …
ये ‘मेंटेनेंस प्रॉब्लम’ है !!!”
8> लंन्डन सहर में वस में एक मुस्लिम युवक
लंन्डन सहर में वस में एक मुस्लिम युवक चरे, वसमे मिउजिक सिस्टेम में पाश्चात्य संगति तलराहा था,
मुस्लिम युवक ने वसमे चरतेहि वस चालक को संगति वंन्द करने को कहा, वस चालक मिउजिक वन्द करने का कारन पुछा,
मुस्लिम युवक ने बोला--इस्लाम के शिक्षानुसार संगीत शुनना माना है।
क्युंों कि, प्रिय नबीके समय संगीत नहीथा, विशेष रूपसे पाश्चात्य संगीत।
वस चालक विनम्रताके सात मिउजिक सिस्टेम बन्द कर दि, एवं वस रूख दिया ओर वस के दरवाज़ा खोल के मुस्लिम युवक को नीचे उतर जाने के लिये अनुरोध किया। तव मुस्लिम युवक ने इसके कारन पुछा --- वस चालक नम्रताके साथ बोला--- " हे मेरे मुस्लिमं भाइ प्रिय ववीके समय कोइ भी टेक्सियाँ या वस नहीं था, कोइ बोम नेही था, विमान अपहरण कारी नहीं थे, मस्जिद मे शोर मचाने के लिये साउड स्पिकार नेही था, कोइभी आत्मघाती हामलावार नेही था, आर, जि, एक्स नहीं था, एके 47 नेही था, स्रेफ शान्ति था। अतः आप धीरेसे उतर जाइये एवं आपना गन्तव्य स्थान पोंछ ने के लिये उँट का इन्तेजार किजियें ।
मुस्लिम युवक ने वसमे चरतेहि वस चालक को संगति वंन्द करने को कहा, वस चालक मिउजिक वन्द करने का कारन पुछा,
मुस्लिम युवक ने बोला--इस्लाम के शिक्षानुसार संगीत शुनना माना है।
क्युंों कि, प्रिय नबीके समय संगीत नहीथा, विशेष रूपसे पाश्चात्य संगीत।
वस चालक विनम्रताके सात मिउजिक सिस्टेम बन्द कर दि, एवं वस रूख दिया ओर वस के दरवाज़ा खोल के मुस्लिम युवक को नीचे उतर जाने के लिये अनुरोध किया। तव मुस्लिम युवक ने इसके कारन पुछा --- वस चालक नम्रताके साथ बोला--- " हे मेरे मुस्लिमं भाइ प्रिय ववीके समय कोइ भी टेक्सियाँ या वस नहीं था, कोइ बोम नेही था, विमान अपहरण कारी नहीं थे, मस्जिद मे शोर मचाने के लिये साउड स्पिकार नेही था, कोइभी आत्मघाती हामलावार नेही था, आर, जि, एक्स नहीं था, एके 47 नेही था, स्रेफ शान्ति था। अतः आप धीरेसे उतर जाइये एवं आपना गन्तव्य स्थान पोंछ ने के लिये उँट का इन्तेजार किजियें ।
05/10/15 11:57:14 pm: Saibal Chowdhury:
9>এক মুসলিম যুবক লন্ডনে
এক মুসলিম যুবক লন্ডনে একটি বাসে চড়ে বসল আর চালক কে অনুরোধ করল বাসের মিউজিক সিস্টমে বাজতে থাকা পাশ্চাত্য সংগীত তৎক্ষণাৎ বন্ধ করে দেবার জন্য..... বাস চালক এর কারন জিজ্ঞেস করলে, মুসলিম যুবক বলল.... ইসলামের শিক্ষানুসারে সংগীত শোনা হারাম, কেননা, প্রিয় নবীর সময়ে সংগীত ছিল না আর বিশেষ রূপে পাশ্চাত্য সংগীত....... বাস চালক বিনম্রতার সাথে মিউজিক সিস্টম বন্ধ করে দিলেন, আর বাস থামিয়ে দরজা খোলে মুসলিম যুবককে বাস থেকে নীচে নেমে যাওয়ার জন্য নিবেদন করলেন...... তখন মুসলিম যুবক এর কারন জিজ্ঞেস করল.... বাস চালক বিনম্রতারর সাথে উত্তর দিলেন---- " হে আমার মুসলিম ভাই, প্রিয় নবীর সময় কোন ট্যাক্সি ছিল না, কোন বাস ছিল না, কোন বোমা ছিল না, বিমান অপহরণকারী ছিল না, মসজিদে শোরগোল করার জন্য লাউড স্পিকার ছিল না, কোন আত্মঘাতী হামলা ছিল না, আর ডি এক্স ছিল না, এ কে 47 ছিল না, শুধুমাত্র শান্তি ছিল, অতঃ চুপচাপ নেমে যান আর গন্তব্য পর্যন্ত পৌঁছানোর জন্য উটের অপেক্ষা করুন....."
10> বউ কাকে বলে -------?
রাষ্ট্রপতি --'"আমি দেশ চালাই আর বউ আমাকে চালায় ".
বিচারক ----"আমি ফয়সলা করি আর বউ আমার ফয়সলা করে ", পুলিশ -----" জনগণ আমাকে ভয় পায় আর আমি বউ কে ", জেলার ----"আমি অপরাধীকে খাঁচায় ভরি আর বউ আমাকে তাঁর
খাঁচায় ভরে ",
ডাক্তার ----"আমি রুগীর অপরেশন করি বউ আমার অপারেশন করে", শিক্ষক -----"স্কুলে আমি লেকচার দেই আর ঘরে বউ এর লেকচার শুনি", অফিসার ---"অফিসে আমি বস আর ঘরের চাকর ", কামার ------"আমি লোহা পেটাই আর বউ আমায় পেটায়", মুচি ----------"আমি জুত মেরামত করি আর বউ আমাকে",=
11> মা দুর্গা আসলেন //
বলদে চড়িয়া শিবে শিঙ্গায় দিলা হাঁক
আর শিঙ্গা শুনি মর্ত্যেতে বাজিয়া উঠল ঢাক /
আর শিঙ্গা শুনি মর্ত্যেতে বাজিয়া উঠল ঢাক /
/ শিবের সনে কার্তিক
গণেশ লক্ষ্মী সরস্বতী
আশ্বিন মাসে বাপের বাড়ি আসেন ভগবতী //
গণেশ লক্ষ্মী সরস্বতী
আশ্বিন মাসে বাপের বাড়ি আসেন ভগবতী //
গৌরী এল, দেখে যা লো…
ভবের ভবানী আমার ভবন করিল আলো। //
ভবের ভবানী আমার ভবন করিল আলো। //
দেখি আরে! সিংহের উপর উইঠ্যা ছুঁড়ি //
অসুরের পিঠটি ধরি গলায় দিছে খাপ ছড়াইয়া,
বুকে দিছে খোঁচা।।
কী দুগ্গী দেখলাম চাচা! // কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
ওই যে এক থোম্বা বদন দাঁত দুইডা তার মূলার মতন
কান দুইডা তার কুলার মতন মাথা লেপা-পোঁছা
কী ঠাকুর দেখলাম চাচা! কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
আছে ডাইনে বাঁয়ে দুইডা ছেমড়ি পইরা আছে ঢাহাই শাড়ি
ঘুরতে দেখছি বাড়ি বাড়ি ফশম (ফ্যাশন) দেখায় ভারি!
আবার ময়ুরের ‘পরে বইছেন যিনি এনার বড় চিকচিকানি
ধুতি করছেন কোঁচা
কী ঠাকুর দেখলাম চাচা! কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
কী দুগ্গী দেখলাম চাচা!
সপ্তমীতে মা জননী মণ্ডপে মণ্ডপে
অষ্টমীতে মা জননী ফুলে-ফলে-ধূপে
নবমীতে মা জননী নিশি পোহাইলা
দশমীতে পাগলা ভোলা নাচিতে লাগিলা
শিবে দুর্গারে লইয়া যাবে কৈলাস ভবন
বিসর্জনের বাজনা বাজে বিজয়া গমন।
জয় জয় বিজয়া গমন।
হে, আইল আমার ভোলানাথ রে //
বুকে দিছে খোঁচা।।
কী দুগ্গী দেখলাম চাচা! // কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
ওই যে এক থোম্বা বদন দাঁত দুইডা তার মূলার মতন
কান দুইডা তার কুলার মতন মাথা লেপা-পোঁছা
কী ঠাকুর দেখলাম চাচা! কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
আছে ডাইনে বাঁয়ে দুইডা ছেমড়ি পইরা আছে ঢাহাই শাড়ি
ঘুরতে দেখছি বাড়ি বাড়ি ফশম (ফ্যাশন) দেখায় ভারি!
আবার ময়ুরের ‘পরে বইছেন যিনি এনার বড় চিকচিকানি
ধুতি করছেন কোঁচা
কী ঠাকুর দেখলাম চাচা! কী দুগ্গী দেখলাম চাচী!
কী দুগ্গী দেখলাম চাচা!
সপ্তমীতে মা জননী মণ্ডপে মণ্ডপে
অষ্টমীতে মা জননী ফুলে-ফলে-ধূপে
নবমীতে মা জননী নিশি পোহাইলা
দশমীতে পাগলা ভোলা নাচিতে লাগিলা
শিবে দুর্গারে লইয়া যাবে কৈলাস ভবন
বিসর্জনের বাজনা বাজে বিজয়া গমন।
জয় জয় বিজয়া গমন।
হে, আইল আমার ভোলানাথ রে //
আইল আমার কাশীনাথ, আইল আমার তিন্নাথ
আইল আমার ভোলানাথ রে /
আইল আমার ভোলানাথ রে /
/ ভোলানাথের শিঙ্গায় বলে
বব বম্, বব বম্, দিদি দিম্, দিদি দিম্, দিম্
বব বম্, বব বম্, দিদি দিম্, দিদি দিম্, দিম্।।
বব বম্, বব বম্, দিদি দিম্, দিদি দিম্, দিম্
বব বম্, বব বম্, দিদি দিম্, দিদি দিম্, দিম্।।
12)এক ৮০ বছরের বৃদ্ধ শখ হইলো সে বাচ্চা নেবে।
এক ৮০ বছরের বৃদ্ধ লোক বিয়ে করলো এক ২০ বছরের তরুণীকে। হঠাৎ বৃদ্ধের শখ হইলো সে বাচ্চা নেবে। তাই পরামর্শের জন্য ডাক্তারের কাছে গেলো।ডাক্তার কিছুক্ষণ চেক আপ করে বললেন - " না, আপনার দ্বারা এটা সম্ভব হবেনা । "বৃদ্ধ হতাশ গলায় বললো - " ডাক্তার, কোনো ভাবেই কি আমি বাবা হতে পারবো না ...? "ডাক্তার বললেন - " মনে করুন আপনি বাঘ শিকার করতে জঙ্গলে গেলেন, হঠাৎ আপনার সামনে একটা বাঘ চলে এলো। আপনি বাঘটাকে মারার জন্য বন্দুক তাক করলেন, কিন্তু বন্দুক কই আপনার হাতে তো ছাতা। জীবন বাচাঁতে আপনি ছাতা দিয়েই গুলি চালালেন। কিন্তু একি ??? গুলির শব্দ হলো, গুলিও বের হলো, বাঘও মরলো। এবার বলুন এটা কিভাবে সম্ভব হলো...??? "বৃদ্ধ - " এটা অসম্ভব, এ হতে পারেনা। নিশ্চয়ই গুলিটা অন্য কেউ করেছিল। ".ডাক্তার - " ঠিক এই উপায়েই আপনি বাবা হতে পারবেন। =============xxxxxxxxx=========
13> চার দেশের পুলিশের মধ্যে প্রতিযোগীতা হচ্ছে
১. রাশিয়া
২. আমেরিকা
৩. চীন
৪. ভারতের পশ্চিমবঙ্গ
প্রতিযোগীতার বিষয় চারটে কুকুরকে জঙ্গলের চারদিকে ছেড়ে দেওয়া হবেকোন্ দেশের পুলিশ কত দ্রুত তা খুঁজে বের করতে পারে--জঙ্গলের চারদিকে ছেড়ে দেওয়া হলো চারটে কুকুরকে
==প্রথমে রাশিয়ান পুলিশ, একটা কুকুরকে দুই দিনে খুঁজে বের করলো.৳৳ এরপর, আমেরিকান পুলিশ আর একটা কুকুরকে এক দিনেই খুঁজে বের করে আনলো
==এরপর, চীনের পুলিশ অন্য একটা কুকুরকে খুঁজতে চারদিন ব্যায় করল!
==এবার, ভারতের পশ্চিমবঙ্গের পুলিশের পালা...দুই দিন কাটল...তিন দিন কাটল....পাঁচ দিন কাটল.....এমনকি এক সপ্তাহ পার হয়ে গেল...কুকুর খুঁজে আনা তো দূরের কথা পুলিশেরই খবর নেই পরে সব দেশের পুলিশেরা মিলে বাংলার পুলিশকে খুঁজতে বের হলোখুঁজতে ... খুঁজতে পাওয়া গেলোপশ্চিমবঙ্গের পুলিশ গত সপ্তাহখানেক যাবৎ একটা ভেড়াকে বেঁধে পেটাচ্ছে আর বলছে স্বীকার কর্, তুই-ই সেই কুকুর....তুই-ই সেই কুকুর...!!
২. আমেরিকা
৩. চীন
৪. ভারতের পশ্চিমবঙ্গ
প্রতিযোগীতার বিষয় চারটে কুকুরকে জঙ্গলের চারদিকে ছেড়ে দেওয়া হবেকোন্ দেশের পুলিশ কত দ্রুত তা খুঁজে বের করতে পারে--জঙ্গলের চারদিকে ছেড়ে দেওয়া হলো চারটে কুকুরকে
==প্রথমে রাশিয়ান পুলিশ, একটা কুকুরকে দুই দিনে খুঁজে বের করলো.৳৳ এরপর, আমেরিকান পুলিশ আর একটা কুকুরকে এক দিনেই খুঁজে বের করে আনলো
==এরপর, চীনের পুলিশ অন্য একটা কুকুরকে খুঁজতে চারদিন ব্যায় করল!
==এবার, ভারতের পশ্চিমবঙ্গের পুলিশের পালা...দুই দিন কাটল...তিন দিন কাটল....পাঁচ দিন কাটল.....এমনকি এক সপ্তাহ পার হয়ে গেল...কুকুর খুঁজে আনা তো দূরের কথা পুলিশেরই খবর নেই পরে সব দেশের পুলিশেরা মিলে বাংলার পুলিশকে খুঁজতে বের হলোখুঁজতে ... খুঁজতে পাওয়া গেলোপশ্চিমবঙ্গের পুলিশ গত সপ্তাহখানেক যাবৎ একটা ভেড়াকে বেঁধে পেটাচ্ছে আর বলছে স্বীকার কর্, তুই-ই সেই কুকুর....তুই-ই সেই কুকুর...!!
===============xxxxxxxxxx============
14>एक आदमी की एक टांग की हड्डी टूट गयी,
वो हॉस्पिटल गया तो देखा कि वहां एक आदमी की दोनों टांगें टूटी हुई हैंतो
वो उसको देखकर बोला कि - आपकी दो पत्नियां हैं क्या??
15> কবি কে ---------(02-09-2015= 12:41:1
কথা না বলে বির বির করে সে,থাকে অনেক বলার
কিন্তু বলে ছোট ভাবে //প্রবল ইচ্ছা না পাওয়ার ব্যাথা।
অনেক বলে না বলে কথা ,//যে পূর্ণ যে লোভী সে তো
কেবলি ভোগী, //সময় নাই তার // সুধু চাই আর চাই।
কাম, লোভ , মোক্ষ ,সবেই // তার লোভ,যত পায়
তত চায়, বলেন না কিছুই, //শুধু ব্যাস্ত ভোগেই।
সে নয়তো লেখক, নায়ক কবি,//যে কবি, যে লেখক,
সে নিশ্চয় ব্যর্থ প্রেমী নয়তো //ক্ষভি, নয়তো ক্রোধী,
সেত ব্যর্থ প্রেমী। //অমিত ব্যর্থ নই ,//আমি বেথা বলতে চাই
না আছে ছন্দ না আছে //জ্ঞান কান্ড, তবুও নই ভন্ড,
জানি মান দন্ড। //কিন্তু সবই পন্ড কারণ // ভাবনাটাই লন্ড ভন্ড ,
তাইত লিখি যার নাই মাথা মুন্ড, //বোধ করি সকলি পন্ড ,
চেখে দেকতে পর আমার এই ঘন্ট ,// হবেনা অম্বল, চোয়া ডেকুর ,
হবে একটু সময় নস্ট,
বাকি সবই দৃষ্ট। ----
16> বাঙালি
বাঙালি ছিল বিশ্ব শ্রেষ্ঠ, //সকল দেশেই সে হয় দৃষ্ট,কিন্তু আজ ----------//বাংলা তেই সে লাঞ্চিত, লুন্ঠিত,তাইত সে আজ কুন্ঠিত ,//পথে ঘটে খাচ্ছে মার, মেয়েরা ওপাচ্ছে না ছাড়, বৃদ্ধ, বৃদ্ধার ও//ভাঙছে হাড়, এমনি মারের মত মার।আছে নাকি প্রশাসন ?//সে কেবলি দেখে, //শোনে শুধু মুখমন্ত্রীর,তাই তারা কেবলি যন্ত্রী। //আর আছে মিডিয়া সে তো শোনেদেখে , লেখে মন দিয়া। ফটো ও //তোলে সুন্দর কালী দিয়া।কিন্তু কার? যার হলো শ্লীলতা হানি ,//যার হলো আভ্রু হরণ তার।বড়ো বড়ো রঙিন ছবি ছাপা //হবে তার যে হারালো সব হলোনিপীড়িত লাঞ্চিত লুন্ঠিত। //কারণ তার বাড়বে ব্যবসা
পাবে প্রমোশন।তাই তো হলেও প্রহশন //তার সহায় আছেন প্রসাশন।যার হলো শ্লীলতা হানি তাকে //নিয়েই যত টানাটানি ,তার নারী নক্ষত্রসকলি হবে প্রচারের থলি। //যারা আসল দোষী, তারা মুক্তকারণ তারা যে প্রশাসনে যুক্ত।// তাদের মাথয় মন্ত্রী দের হাততাই তারা শুদ্ধ মুক্ত //তাদের সাত খুন মাপ //তাইত করে বাজি মাত্তারাই দেশের ভবিষৎ। //গণ তন্ত্র বিপন্ন, নিরুদ্দেশ।আমরা বাঙালি বাংলাতে আছি বেশ।//এটাইতো আমদের শস্য শ্যামলাআমাদের বাংলা দেশ।//সকল দেশের চাইতে শেরাআমাদের বাংলা দেশ।
পাবে প্রমোশন।তাই তো হলেও প্রহশন //তার সহায় আছেন প্রসাশন।যার হলো শ্লীলতা হানি তাকে //নিয়েই যত টানাটানি ,তার নারী নক্ষত্রসকলি হবে প্রচারের থলি। //যারা আসল দোষী, তারা মুক্তকারণ তারা যে প্রশাসনে যুক্ত।// তাদের মাথয় মন্ত্রী দের হাততাই তারা শুদ্ধ মুক্ত //তাদের সাত খুন মাপ //তাইত করে বাজি মাত্তারাই দেশের ভবিষৎ। //গণ তন্ত্র বিপন্ন, নিরুদ্দেশ।আমরা বাঙালি বাংলাতে আছি বেশ।//এটাইতো আমদের শস্য শ্যামলাআমাদের বাংলা দেশ।//সকল দেশের চাইতে শেরাআমাদের বাংলা দেশ।
17>एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक
: एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक
मस्ती करते रहे और
जब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर
खड़ा हो गया।
परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई।
मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकर
वे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी दुर्दशा की जानकारी दी।
उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए
हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। किसी तरह धक्का
लगा-लगाकर गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभव
नहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है।
यदि प्रिंसिपल साहब उन चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लें
तो बड़ी मेहरबानी होगी।
प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए।
उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहब
को धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की तैयारी में लग गए।
तीन दिन बाद जब वे परीक्षा 📝 देने पहुंचे तो प्रिंसिपल ने
बताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है।
चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।
चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए।
जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल एक ही प्रश्न था...
गाड़ी का कौनसा टायर पंक्चर हुआ था ?
( १०० अंक )
अ. अगला बायां 🙀
ब. अगला दायां 😿
स. पिछला बायां 😾
द. पिछला दाया 😼
चारो फस गये ?साले--------
आखिर गुरु गुरु ही होता है -------👌👌\
मस्ती करते रहे औरजब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर
खड़ा हो गया।परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई।मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकरवे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी दुर्दशा की जानकारी दी।उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए
हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। किसी तरह धक्का
लगा-लगाकर गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभवनहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है।यदि प्रिंसिपल साहब उन चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लेंतो बड़ी मेहरबानी होगी।प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए।उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहबको धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की तैयारी में लग गए।तीन दिन बाद जब वे परीक्षा 📝 देने पहुंचे तो प्रिंसिपल नेबताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है।
चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।
चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए।जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल एक ही प्रश्न था...गाड़ी का कौनसा टायर पंक्चर हुआ था ? ( १०० अंक )अ. अगला बायां 🙀ब. अगला दायां 😿स. पिछला बायां 😾द. पिछला दाया 😼चारो फस गये ?साले--------आखिर गुरु गुरु ही होता है -------👌👌\
मस्ती करते रहे और
जब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर
खड़ा हो गया।
परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई।
मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकर
वे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी दुर्दशा की जानकारी दी।
उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए
हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। किसी तरह धक्का
लगा-लगाकर गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभव
नहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है।
यदि प्रिंसिपल साहब उन चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लें
तो बड़ी मेहरबानी होगी।
प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए।
उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहब
को धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की तैयारी में लग गए।
तीन दिन बाद जब वे परीक्षा 📝 देने पहुंचे तो प्रिंसिपल ने
बताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है।
चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।
चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए।
जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल एक ही प्रश्न था...
गाड़ी का कौनसा टायर पंक्चर हुआ था ?
( १०० अंक )
अ. अगला बायां 🙀
ब. अगला दायां 😿
स. पिछला बायां 😾
द. पिछला दाया 😼
चारो फस गये ?साले--------
आखिर गुरु गुरु ही होता है -------👌👌\
मस्ती करते रहे औरजब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर
खड़ा हो गया।परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई।मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकरवे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी दुर्दशा की जानकारी दी।उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए
हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। किसी तरह धक्का
लगा-लगाकर गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभवनहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है।यदि प्रिंसिपल साहब उन चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लेंतो बड़ी मेहरबानी होगी।प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए।उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहबको धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की तैयारी में लग गए।तीन दिन बाद जब वे परीक्षा 📝 देने पहुंचे तो प्रिंसिपल नेबताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है।
चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।
चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए।जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल एक ही प्रश्न था...गाड़ी का कौनसा टायर पंक्चर हुआ था ? ( १०० अंक )अ. अगला बायां 🙀ब. अगला दायां 😿स. पिछला बायां 😾द. पिछला दाया 😼चारो फस गये ?साले--------आखिर गुरु गुरु ही होता है -------👌👌\
18> मोटर मेकेनिक & डॉक्टर साहब.
एक मोटर मेकेनिक कार के इंजिन के पुर्जे खोल कर सुधार रहा था कि तभी शहर के नामचीन हार्ट सर्जन उसकी गैराज में आ पहुंचे.मेकेनिक ने डॉक्टर साहब से कहा – “ज़रा इस इंजिन को देखिये डॉक्टर साहब. मैंने इसके दिल को खोलकर वाल्व निकाले और सुधार कर वापिस लगा दिए हैं. कुछ ऐसा ही काम आप भी करते हैं. फिर हमारी सेलरी में इतना अंतर क्यूँ है ?”डॉक्टर साहब मुस्कुराए और धीरे से मेकेनिक के कान में बोले – “यही काम तब करके दिखाओ जब इंजिन चालू हो …. !”19> বিরীয়ানী আর মাংস কষা,খেতে লাগে বড়ই খাসা। //হাতের সামনে যা পাব, //তাই আমি খেয়ে নেব!আমি নাকি রোগা হব! //চিলি চিকেন আর চাউমিন, //প্লেট ভরতি করে দিন।কাউকে কি আর সাথি পাব, //সবই আমি একা খাব। //আমি নাকি রোগা হব!পিজ্জা, বারগার, চিকেন ফ্রাই, //বিকেলে এসব চাইই চাই।এসব যদি নাই খাব, //বাচার রসদ কোথায় পাব?আমি নাকি রোগা হব!কচুরি, নিমকি আর সিংগারা, //বাচা যায় এসব ছাড়া?দোকানে গিয়ে টাকা দেব, //আর মন ভরে খেয়ে নেব!আমি নাকি রোগা হব!এগ রোল আর মোঘলাই, //এদের কেমনে ভূলে যাই?টাকা পেলেই দোকানে যাব, //না হলে তো মরেই যাব!আমি নাকি রোগা হব!আর রইল মিষ্টি, //সে এক অপরূপ স্রিষ্টি! //দোকান পুর খেয়ে নেব,তোমরা সবাই যে যা ভাব।আমি নাকি রোগা হব!!!20> : ****আধুনিক বানী ****লোকনাথ: রনে বনে জলে জঙ্গলে যেখানে বিপদে পরিবে আমাকে Miss call মারিবে আমি তোমাদের রক্ষা করিবো।নেতাজী: তোমরা আমাকে SMS দাও আমি তোমাদের Reply দেবোরামকৃষ্ণ: যত SMS তত Replyগান্ধিজী: Whatsapp করবো; না হয় মোরববিবেকানন্দ: Facebook এ প্রেম করে যেই জন, সেই জন সেবিছে ঈশ্বরঅন্যান্য:➡Mobile সেবাই শিব সেবা➡একবার বিদায় দে মা Mobile টিপে আসি➡মোরা এক বৃন্তে দুটি কুসুম Facebook Whatsapp➡আমার সোনার Mobile আমি তোমায় ভালোবাসি➡আপনারে বড় বলে বড় সেই নয়, Whatsapp Facebook যে করে, সেই বড় হয়==============See চুটকুলা Part----( 2 )
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একটু হাঁসি
19>শিশু কালে জানতাম অংগুঠা ( বুড়ো আঙ্গুল ) ভগবান দিয়েছেন শুধু
চুষবার ও কাউকে ঠেঙ্গা দেখাবার জন্য।
কিন্তু এখন বুঝি যে ভগবান অংগুঠা দিয়েছেন
হোয়াটস এয়াপস (WhatsApp)চালাবার জন্য।
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===
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बचपन में समझते थे कि '
अंगूठा सिर्फ चूसने और चिड़ाने के लिए बनाया है ,
पर साला...अब पता चला है कि...
...
अंगूठा सिर्फ चूसने और चिड़ाने के लिए बनाया है ,
पर साला...अब पता चला है कि...
...
अंगूठा तो भगवान ने वाटसप् चलाने के लिए बनाया है ।।
=========================================
=========================================
20>তাজা খবর,শিবরাম চক্রবর্তী।
স্বর্গের দূত মারফত বিশেষ খবর।
শিবরাম চক্রবর্তী এইমাত্র স্বর্গ থেকে লিখে পাঠিয়েছেন:
করোনা যত WHO WHO করে বাড়ছে, বুকের ভিতরটা ততো চীন চীন করে উঠছে !
লকডাউন আবারও বেড়ে গেলো। এবার তো পুরুষেরা 'রুটি' বানানোর সাথে 'ঝুঁটি' বাঁধতেও শিখে যাবে !
এমন ভাবে চলাফেরা করছে যেন স্কুল কলেজ আর জীবনেও খুলবেনা, পড়াশোনা শেষ, যেন গ্র্যাজুয়েট হয়ে গেছে !
আজ বউয়ের কাছে বিরিয়ানি রান্না শিখলাম। খুশী হয়ে বললাম, কী গুরুদক্ষিনা চাও, বলো? বললো, "আজ থেকে পাশের বাড়ির বউদিকে দিদি বলে ডাকবে!"
সরকার মদ বেচে চাল দেবে আর মাতাল চাল বেচে মদ কিনবে। হিসেব বরাবর।
পন্ডিতজীকে বললাম, "গুরুজী, সংস্কৃত ভাষায় স্ত্রীকে কি বলে ?
পন্ডিতজী বললেন,"সংস্কৃত কেন, কোনো ভাষাতেই স্ত্রীকে কিছু বলা যাবে না।"
এ সমস্ত হচ্ছে চীন-এর গভীর ষড়যন্ত্র। মাস্ক পরিয়ে পরিয়ে সবাইকে ওদের মত নাক-চ্যাপটা করে দেবার ধান্দা !
সংগৃহীত
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21> হাসির উপর ওষুধ নেই
প্রথম দিন :
শিক্ষক : এ্যাই ছেলে, তোমার মোজার
গন্ধে ক্লাসে কেউ টিকতে
পারছে না। যাও বাড়ি যাও
কালকে মোজা change
করে আসবে।
ছাত্র : ঠিক আছে স্যার !
দ্বিতীয় দিন :
শিক্ষক : কি ব্যাপার ? গতকাল
বললাম মোজা change
করতে, করনি কেন ? গন্ধে
আজও টেকা যাচ্ছে না ?
ছাত্র : change করেছি স্যার, ডান
পায়ের টা বাম পায়ে, আর
বাম পায়েরটা ডান পায়ে
পড়েছি স্যার !!
শিক্ষক : যাও বাড়ি যাও, কাল নতুন
মোজা পড়ে আসবে।
ছাত্র : ঠিক আছে স্যার।
তৃতীয় দিন :
শিক্ষক : কি ব্যাপার ? আজ তো
দেখছি নতুন মোজাই পড়েছ
কিন্তু ক্লাসে সেই একই
গন্ধ কেন ?
ছাত্র : স্যার, যদি বিশ্বাস না করেন
তাই পুরানোটা পকেটে করে
নিয়ে এসেছি !!
'সংগ্রহীত'
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22>একটু হাঁসি
শিশু কালে জানতাম অংগুঠা ( বুড়ো আঙ্গুল ) ভগবান দিয়েছেন শুধুচুষবার ও কাউকে ঠেঙ্গা দেখাবার জন্য।
কিন্তু এখন বুঝি যে ভগবান অংগুঠা দিয়েছেন
হোয়াটস এয়াপস (WhatsApp)চালাবার জন্য।
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23>बचपन में समझते थे कि '
अंगूठा सिर्फ चूसने और चिड़ाने के लिए बनाया है ,
पर साला...अब पता चला है कि...
...अंगूठा तो भगवान ने वाटसप् चलाने के लिए बनाया है ।।
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